Appreciated by Legendary Ian Bell, Nepal’s Young Batting Sensation Aayush Subedi Is Set to Leave His Mark in International Cricket

Aayush Subedi, born on November 8, in Bharatpur, Nepal, grew up in a middle-class family with a passion for cricket. From a young age, he displayed his love for the sport by playing with a ball made up of socks and a bat of bamboo stick. Sometimes, he would even use a stone as a makeshift ball to play in front of his home.

Despite the limited resources, Aayush was determined to pursue his dream. He began collecting money from different festivals and saved it until he had enough to buy a bat and ball. With his new equipment, he started playing with his friends after school, usually until the evening when the sun set.

Aayush was dedicated to improving his skills and would spend countless hours on the ground, honing his cricketing abilities. He idolized Ricky Ponting, the former Australian cricketer, and drew inspiration from his playing style and achievements.

Recognizing Aayush’s talent and passion, his family enrolled him in the Royal Cricket Academy. It was there that he received invaluable guidance from coaches Santosh Neupane , Bishal Poudel and with the mentor of RCA and a fast bolwer of Nepal national team Kishor Mahto, who helped him refine his technique and develop his overall game.

Aayush, a right-handed batter, always gave his full effort on the field, displaying a relentless determination to succeed. He dreams of representing the Nepal national team and playing in various leagues. However, his journey to fulfill these dreams is still ongoing.

With his talent, dedication, and the support of his mentors, Aayush continued to work hard and showcase his skills in local tournaments and matches. He aimed to catch the attention of selectors and earn a place in the national team, representing his country with pride and honor.

He even earned a few words of praise from the former English cricketer Ian Bell. Talking about the same, Aasush said, “I am just 16 y/o, I recently practiced at NHPC, Lahore, and back to Nepal. And getting some appreciation and guidance from Ian Bell, the former English cricketer.”

Aayush Subedi’s story is a testament to the power of passion and perseverance. Despite humble beginnings and limited resources, he remained steadfast in his pursuit of excellence in cricket. With his unwavering dedication and the right opportunities, he hoped to one day achieve his dream and make a mark on the international cricketing stage.

Read More

ऑल इंडिया सिविल सर्विसेट टूर्नामेंट 2023-24 के लिए बिहार की टीम का ट्रायल 30 एवं 1 अक्टूबर को ऊर्जा स्टेडियम में

पटना: ऑल इंडिया सिविल सर्विसेट टूर्नामेंट 2023-24 का आयोजन दिल्ली में 15 से 21 दिसंबर को किया जाएगा। इस प्रतियोगिता में बिहार सचिवालय क्रिकेट टीम को शामिल किया गया है। बिहार की टीम का चयन ट्रायल के माध्यम से किया जाएगा।

बिहार के सभी जिलों के स्थायी कर्मचारी, जो बिहार सरकार में कार्यकत है वो इस ट्रायल में भाग ले सकते हैं। सचिवालय स्पोर्ट्स फाउंडेशन के सचिव ने इस ट्रायल के लिए कर्मचारियों के अनुरोध किया है कि वो इस ट्रायल में अवश्य में भाग लें। जिससे बिहार की टीम अच्छी बनेगी।


इस प्रतियोगिता के लिए बिहार की टीम का ट्रायल 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक पटना के ऊर्जा स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है। ट्रायल सुबह 8 बजे से शुरू की जाएगी। सभी से अनुरोध है कि ट्रायल में अवश्य भाग लें।

Read More

डेस्टिनी इंटरनेशनल स्कूल में लगोरी खेल के बारे में बच्चों को जानकारी दी गई, पटना जिला संयोजक रंजीत राज ने किया खेल का प्रमोशन

लागोरी, जिसे लिंगोचा या पिट्ठू के नाम से भी जाना जाता है, एक पारंपरिक भारतीय आउटडोर खेल है जो सदियों से खेला जाता रहा है। यह एक टीम खेल है जिसमें चपलता, समन्वय और रणनीतिक सोच की आवश्यकता होती है। खेल एक छोटी गेंद और सपाट पत्थरों या लकड़ी के छोटे ब्लॉकों के ढेर के साथ खेला जाता है। पटना के डेस्टिनी इंटरनेशनल स्कूल में लगोरी खेल का प्रमोशन पटना जिला संयोजक रंजीत राज के नेतृत्व में किया गया।

इस अवसर पर एडिसनल डैरेक्टर अंकित कुमार, राहुल कुमार, शिवम कुमार, सुबुल कुमारी, जानकी कुमारी और सुजल कुमार के द्वारा विद्यालय के बच्चों को लगोरी खेल की बारीकियों से अवगत करवाया गया।


खिलाड़ियों को बताया गया है कि लागोरी का खेल आम तौर पर दो टीमों के बीच खेला जाता है, जिनमें से प्रत्येक में समान संख्या में खिलाड़ी होते हैं। खेल का उद्देश्य पत्थरों या ब्लॉकों के ढेर पर एक गेंद फेंक कर उन्हें नीचे गिराना है, जबकि विरोधी टीम ढेर का बचाव करने और फेंकने वाली टीम के खिलाड़ियों को खत्म करने की कोशिश करती है।

Read More

बिहार स्टेट सब जूनियर / जूनियर बॉक्सिंग टूर्नामेंट में गया ने 8वां स्थान प्राप्त किया, 5 पदक अपने नाम किए

गया जिला बॉक्सिंग टीम ने 5 पदक के साथ 15वां बिहार स्टेट सब जूनियर / जूनियर बॉक्सिंग टूर्नामेंट में 8वां स्थान अर्जित किया। गया जिला के खिलाड़ियों ने एक स्वर्ण, एक रजत और तीन कांस्य पदक प्राप्त किया। गौरव पांडे को 63 कि.ग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किया। वहीं जय सिंह 80 कि.ग्रा में रजत जीतकर अपने जिला का नाम रौशन किया। जबकि नवनीत कुमार ने 48 कि.ग्रा में कांस्य, शौर्य सिन्हा ने 60 कि.ग्रा में कांस्य और बिनित शर्मा ने 67 कि.ग्रा में कांस्य पदक हासिल किया।

खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बाद बॉक्सिंग संघ के सचिव मो फैजान खान ने बताया के गया जिला की टीम ने पहली बार राज्यस्तरीय टूर्नामेंट में भाग लिया है। पहले ही बार में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। आने वाले टूर्नामेंटों में गया जिला के खिलाड़ी और अच्छा प्रदर्शन करेंगे। इन खिलाड़ियों का खेल निखरेगा।


खिलाड़ियों के लिए जिला संघ बहुत सक्रिय तरीके से काम कर रहा है। जिससे खिलाड़ियों को बेहतर मुकाम मिलेगा। संघ के सचिव ने कहा कि आने वाले महीनों में गया दिला में स्कूल स्तरीय बॉक्सिंग टूर्नामेंट का आयोजन भी गया जिला बॉक्सिंग संघ द्वारा किया जाएगा। जिसकी जानकारी जल्द दी जाएगी।

Read More

लोकेंद्र सिंह कालवी स्मृति खेल सम्मान से सम्मानित हुए खेल जगत की हस्तियां, खेल से समाज में एकता, भाईचार और अनुशासन का होता है विकास

पटना, 23 सितंबर। खेल से न केवल हमारा शारीरिक व मानसिक विकास होता है बल्कि यह एक विद्या है जो समाज में एकता, अनुशासन और भाईचारा का पैगाम देती है। खिलाड़ी की न कोई जाति होती है न कोई धर्म। सब एक समान। अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन को सुखमय बनाना चाहता है तो उसे खेल से जुड़ना चाहिए और आप सब खेल हस्तियां तो हमारे नायक हैं। हमें आप पर गर्व है और आज हम आप सबों को सम्मानित करते हुए गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। ये बातें श्री राजपूत करणी सेना के शीर्ष संस्थापक स्व. लोकेंद्र सिंह कालवी की स्मृति व सेना के स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित लोकेंद्र सिंह कालवी स्मृति खेल सम्मान समारोह के अवसर मंचासीन अतिथियों ने कही।

इन सबों ने कहा कि खेल से अब न केवल यश व सम्मान पाया जाता है बल्कि अपने जिंदगी की आर्थिक कमियों को पूरा करता है। अब तो खिलाड़ियों पर उनके बेहतर प्रदर्शन के बाद धनों की वर्षा होती है। इसीलिए हमारी सभी अविभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों को खेल से जोड़े।

राजधानी के कर्पूरी ठाकुर हॉल में आयोजित इस सम्मान समारोह में राज्य के खेल पत्रकारों, खेल प्रोमोटर, महिला व पुरुष क्रिकेटरों के साथ अन्य खेलों के खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया। साथ ही खेल समेत अन्य क्षेत्रों के विकास और सुधार में अपनी भूमिका अदा करने वाले गणमान्य व्यक्तियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

इन सबों को श्री राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष अमित सिंह उज्जैन, कुंवर रोहित राजपूत, अश्वनी कुमार सिंह, पुष्पेन्द्र नारायण सिंह, जीवेश सिंह,पंकज सिंह,नेहा सिंह,प्रतिमा शशिकांत सिंह,अमित सिंह उर्फ़ मिंटू सिंह,सुमित कुमार सिंह,मुकेश सिंह, जय सिंह राठौड़,मनजीत सिंह,मूनचुन सिंह चौहान,संजीव सिंह राठौड़, अजय सिंह मरहौर, संजीव सिंह सोलंकीं, अविनाश सिंह, सात्विक सिंह, विशाल सिंह,आदित्य सिंह, रौशन सिंह ने स्मृति चिह्न और अंगवस्त्रम् सप्रेम भेंट कर सम्मानित किया।


इस मौके पर श्री राजपूत करणी सेना के अधयक्ष अमित सिंह उज्जैन ने कहा कि संस्था अपने शीर्ष संस्थापक की स्मृतियों को ताजा रखने के लिए और उनके आदर्शों को पूरा करने इस सम्मान समारोह को सरदार पटेल स्पोट्र्स फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित की है। श्री राजपूत करणी सेना समाज के हर वर्ग के विकास के लिए दृढ़संकल्पित है। मंच का संचालन उदघोषक मृत्युंजय झा ने किया, जबकि सभी के प्रति आभार संतोष तिवारी ने व्यक्त किया।

इन्हें किया गया सम्मनित
नीजर कुमार पप्पू-लाइफ टाइम अचीवमेंट, आजाद गांधी-समाज सेवी, पवन कुमार (कोच बिहार रणजी ट्रॉफी), अली राशिद (बीसीए पैनल कोच), एमपी वर्मा (सीनियर क्रिकेट कोच), डॉ. कुंदन कुमार (सीनियर स्पोटर्स फीजियो), रौनित नारायण, सौरव चक्रवर्ती (स्पोटर्स प्रमोटर), मोहित श्रीवास्तव (नेशनल साफ्टबॉल बेसबॉल प्लेयर), सुरेश मिश्रा (वरिष्ठ क्रिकेटर व उद्घोषक), अखिलेश शुक्ला (वरिष्ठ क्रिकेट प्रशिक्षक), कृष्णा पटेल (वरिष्ठ क्रिकेट प्रशिक्षक), नीरज कुमार (स्पोटर्स प्रमोटर), रवि गोस्वामी (बीसीए पैनल फिजियो), मृत्युंजय झा (उद्घोषक), अनंत गोस्वामी (युवा समाजसेवी), अमित कुमार (रक्तवीर), हिमांशु हरि (रणजी ट्रॉफी प्लेयर), कुमार रजनीश (रणजी ट्रॉफी प्लेयर), प्रतीक कुमार (युवा अधिवक्ता सह क्रिकेटर), सन्नी कुमार (युवा क्रिकेट कोच), सुयश मधुप (बैडमिंटन प्लेयर), नवीन कुमार (महासचिव, सरदार पटले स्पोटर्स फाउंडेशन), अभिनव कुमार (बीसीसीआई पैनल स्कोरर), ज्योति कुमार (स्पोटर्स प्रमोटर), नवनीत आनंद (स्पोटर्स प्रमोटर), विजय शर्मा (स्पोटर्स प्रमोटर)

महिला खिलाड़ी
शाम्भवी राज (लीगल एडवाइजर, बिहार वीमेंस लीग), कोमल कुमारी (सीनियर स्टेट प्लेयर), स्वर्णिमा चक्रवर्ती (सीनियर महिला क्रिकेटर), सूर्या भारद्वाज (अंडर-19 स्टेट प्लेयर), दीप कुमारी (अंडर-15 स्टेट प्लेयर), पूजा कुमारी (सीनियर स्टेट प्लेयर), सौम्या अखौरी (अंडर-15 क्रिकेटर), अनहिता सिंह (बैडमिंटन प्लेयर)

प्रेस प्रतिनिधि
मो.इशाउद्दीन, अरुण सिंह, आशीष कुमार, आलोक सिंह, धर्मनाथ, अमरनाथ,आशीष गुप्ता, राहुल कुमार, रजी अहमद, शंभूकांत सिन्हा, विकास कुमार, विनीता मिश्रा, निधि तिवारी, वरीय छायाकार वीरेंद्र जी।

Recent Articles

Subscribe Now
Do you want to subscribe to our newsletter?

Fill this form to get mails from us.