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बिहार में टीम घोषित होने के बाद क्यों शुरू हो जाता है घमासान

बिहार में क्रिकेट की बात हो और विवाद न हो ऐसा हो ही नही सकता। बिहार क्रिकेट का विवादों से बहुत पुराना नाता है जो कई वर्षों से चला आ रहा है और खत्म होने का नाम ही नही ले रहा है। बुधवार को विजय हजारे ट्रॉफी के लिए बिहार टीम की घोषणा की गयी और घोषणा के बाद एक बार फिर नए विवादों ने तूल पकड़ लिया। 

टीम के घोषणा के बाद बिहार क्रिकेट एसोसिएशन की आलोचना शुरू हो गयी है। जहाँ तक खबर आ रही है कि साहबों ने एक सेलेक्टर से विनती करते हुए कहा था कि 16 आप चुन लीजिए और बाकी छह मैनेजमेंट कोटा के लिए छोड़ दीजिए। अगर ऐसी बात है तो आलोचना होना भी जायज है। 

बिहार के टीम को देखकर कुछ लोगों ने कहा कि इस टीम में अपनो का ख्याल के साथ-साथ सबका साथ-सबका विकास का भी पूरा ख्याल रखा गया है। यहां तक कि इस टीम को देखकर बीसीए अधिकारियों ने ही चयन पर सवाल खड़े कर दिए है। बीसीए जीएम एडमिन नीरज राठौर ने फेसबुक पेज के जरिए चयनकर्ताओं पर आरोप लगाया है " आप क्यों गिर गए? करारा जवाब मिलेगा". 

वही जीएम क्रिकेट सुधीर चंद्र मिश्रा ने बिना किसी का नाम लिए लिखा है "सारे कृतिमान ध्वस्त, शर्म भी शर्मा जाए।तौबा करो खिलाड़ियों की हाय लगेगी। 

वही बीसीए सचिव संजय कुमार ने कहा कि यह टीम को देखकर ऐसा लग रहा कि प्रदर्शन पर पैरवी भारी हो गयी है। उन्होंने कहा कि विजय हज़ारे के लिए टीम का चयन प्रदर्शन पर नही किया गया है। कुछ खिलाड़ियों को छोड़कर पूरी टीम पैरवी पर बनाई गई है। टीम में कई पुत्र अपने पिता के प्रदर्शन पर शामिल हुए है। उन्होंने कहा कि वर्तमान बीसीए की स्थिति चाहे दिख जो भी रही हो लेकिन अगर यही हाल रहा तो वो दिन दूर नहीं जब बिहार के खिलाड़ी सड़क पर आकर प्रतिकार करने को विवश हो जाएंगे।

वही सीनियर खिलाड़ी रूपक कुमार ने कहा कि वह अब बदलाव चाहते है। वो चाहते है कि फिर से पुराने पदाधिकारी को वापस लाया जाए। इन पदाधिकारियों ने बिहार में क्रिकेट को बहुत पीछे कर दिया है। उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि बीसीए के पदाधिकारियों को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने तो यहाँ तक कह दिया कि अजय नारायण शर्मा, रविशंकर प्रसाद, प्रो.नीरज सिंह, अरुण कुमार सिंह को बीसीए में फिर वापस लाओ। 

अगर इन लोगो के बातों पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि बिहार में टीम का चयन टैलेंट के हिसाब से नही बल्कि पैरवी और हैसियत के हिसाब से होता है। इसी वजह से बिहार में टीम घोषित होने के बाद घमासान शुरू हो जाता है। 


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