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अंतरराष्ट्रीय बेसबॉल खिलाड़ी रूपक कुमार उर्फ 'लल्ला' हुए 28 वर्ष के, बधाइयों का लगा ताता

पटना :- राज्य के राष्ट्रीय प्लेयर रुपक की जिसकी आज जन्म दिन है और यह'लल्ला' 28 वर्ष का हो गया। अपने जन्म दिन पर क्रीड़ा न्यूज़ से बातचीत करते हुये रुपक ने बेवाक होकर बताया कि जिस तरह किसी इंसान के लिए उसकी मुख्य विषय एक खास उद्देश्य और विषय रहती है तो इस हाल में मेरी उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ खेल है,खेल ही मेरा भगवान और खेल ही मेरा सबकुछ है। 

राजधानी पटना की चर्चित और स्वाभिमानी खिलाड़ी रूपक जिन्होंने क्रिकेट को ही पीना सब कुछ मानते हुए एक अलग पहचान बनाई। बातचीत के दौरान रुपक ने बताया कि खेल का माहौल घर में शुरू से था। पिता दिनेश कुमार फुटबॉलर थे। रूपक ने टेनिस बॉल खेलने से अपने खेल जीवन की शुरुआत की। प्रेम बल्लभ सहाय से क्रिकेट की कोचिंग लेकर मेन स्ट्रीम का क्रिकेट खेला। क्रिकेट का माहौल नहीं था तो बेसवॉल और सॉफ्टबॉल की ओर रुख किया और फिर बन गया अंतरराष्ट्रीय प्लेयर। क्रिकेट जगत में अपने खेल और कामों से अपनी पहचान खुद बनाई। लोग इसे प्यार से ‘लल्ला’ के नाम से पुकारते हैं।

राजधानी के गर्दनीबाग इलाके के रहने वाले रुपक कुमार के पिता दिनेश कुमार अच्छे फुटबॉलर थे। वे पथ निर्माण विभाग में कार्यरत थे। माता मानपति देवी कुशल गृहणी हैं। घर में सबसे छोटा था तो पिताजी ‘लल्ला’ कहकर पुकारते थे। बाद में इसी नाम से बिहार क्रिकेट जगत भी पुकारने लगा। लल्ला का वर्ष 2010-11 में पटना जिला अंडर-19 टीम में चयन हुआ और 2011-12 में बिहार अंडर-19 टीम का कूच बिहार ट्रॉफी में प्रतिनिधित्व किया। वर्ष 2012-13 व 2013-14 में नागालैंड में इंटर स्टेट टी-20 में बिहार की ओर से खेला। बिहार में क्रिकेट का माहौल नहीं था इसीलिए बेसबॉल गेम की ओर रुख कर लिया। बिहार की ओर से लगातार तीन साल तक खेला और टीम का नेतृत्व भी किया। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर परफॉरमेंस के आधार पर इंडिया टीम में सेलेक्शन हुआ और बन गया अंतरराष्ट्रीय बेसबॉल प्लेयर। बिहार में क्रिकेट का माहौल लौटा तो वह एक बार फिर से क्रिकेट की ओर अपना रुख किया। पटना जिला टीम की ओर से राज्यस्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय टी-20 प्रतियोगिता में हिस्सा वाली बिहार टीम के चयन के लिए हुए ट्रायल मैच खेला पर टीम में जगह बनाने में असफल रहे। दो ट्रायल मैच में इसने पांच विकेट चटकाये। बिहार सीनियर क्रिकेट टीम में जगह पक्की करने के लिए अभी प्रयासरत है और इसे लेकर अभ्यास भी जारी है। 

सचिन तेंदुलकर को अपना आदर्श मानने वाले रुपक पटना क्रिकेट लीग में अमर सीसी, बाटा सीसी और इंजीनियरिंग कॉलेज का प्रतिनिधित्व किया। खिलाड़ी के साथ-साथ खेल आयोजन से भी जुड़े रहे। ऐसे तो पटना क्रिकेट लीग के आयोजन से उनका जुड़ाव तो काफी पहले से रहा पर पिछले दो वर्षों में संयोजक के रूप में कार्य कर इसका सफलतापूर्वक आयोजन करवाया। राजधानी के नामी स्कूल लोहियानगर माउंट कार्मेल हाईस्कूल में स्पोट्र्स हेड के रूप में कार्यरत रुपक कुमार लंबे समय तक अपनी सेवा प्रदान की। 28 वर्षों की कठिन दौर की सफलता के बावत रूपक कुमार उर्फ़ 'लल्ला' ने बताया कि मैं आज हूं उसमें मेरे माता-पिता, चाचा-चाची, अजय नारायण शर्मा, मधु शर्मा, अरुण कुमार सिंह, प्रो नीरज सिंह, प्रेम वल्लभ सहाय, बहन श्वेता कुमारी, स्कूल की निदेशिका श्रीमती मीनू सिंह और हमारे शुभचिंतकों का आशीर्वाद व दुआ शामिल है। 

वैश्विक महामारी और कोरोना की बात पर रुपक ने बताया कि संपूर्ण विश्व सहित भारत वैश्विक महामारी कोरोना को लेकर इससे बचने के लिये एहतियात बरतते हुये अपने-अपने घरों में कैद हो चुके थे दूसरी ओर इससे निबटने के लिये केंद्र की मोदी सरकार के साथ अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री अपने-अपने राज्यों में लोगों को सुरक्षित और अमन-चैन की जिंदगी जीने के लिये कटिबद्ध होकर लगे थे। इस हाल में राजधानी पटना में राज्य के वरीय क्रिकेटर रुपक और बीसीसीआई स्कोरर अभिनव अपने दोस्तों के साथ मिलकर कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी से बचने के लिए हुए लॉकडाउन की वजह से गंभीर तौर पर रोजी-रोटी का संकट झेल रहे गरीब और मजदूर वर्गों की मदद करने में जुटे रहे। इन काम में कुल 11 लोगों ने साथ दिया। इन दोनों के इस काम में साकेत कुमार, राजेश कुमार, सोनू कुमार, रंजीत रमण, बब्लू, ऋषि कुमार, अजय कुमार, संतोष कुमार साथ दिये। मौके पर गरीबों और असहायों को सामग्री वितरण करते समय दोनों ने कहा कि इस महामारी में हमलोगों से जितना बन पड़ेगा उतना करेंगे। उन्होंने राज्य के सभी खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों और अन्य लोगों से अपील की कि आप घर के अंदर रहेंगे तभी इस जंग से जीत पायेंगे। आप घर के अंदर रह कर इस महामारी की चेन को तोड़ सकते हैं।

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