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एक ऐसा खिलाड़ी जो क्रिकेट खेलते हुए बच्चों को प्रशिक्षण देते हुए राज्य के टीम में जगह दिलायी


पटना का एक ऐसा खिलाड़ी जो क्रिकेट खेलते हुए ही बच्चों को प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया। इनके प्रशिक्षण से क्लब के एक बच्चें ओमजी राज ने बिहार के लिए अंडर-16 स्टेट खेल कर क्लब और कोच का नाम रौशन कर दिया। हम बात कर रहे है कुमुद रंजन की। जो एक खिलाड़ी और एक कोच के रूप में उभर कर सामने आए है।

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कुमुद ने अनुग्रह नारायण कॉलेज में अपना क्रिकेट का प्रशिक्षण लेने प्रारंभ किया। शुरुआती दौर में कुमुद लेग स्पिन किया करता था। लेग स्पिन में उन्होंने बहुत विकेट चटकाए। शुरुआती दौर में एक मैच में 6 विकेट लेकर सबका ध्यान आकर्षित किया। उस मैच के बाद राजेश चौधरी ने कुमुद को पुरस्कृत किया। उसके बाद बिहार का सबसे बड़ा टूर्नामेंट सुखदेव नारायण टूर्नामेंट खेलने का मौका मिला। इस टूर्नामेंट के पहले ही मैच में चार विकेट लेकर अपनी टीम को जीत दिला दी।

उसके बाद कुमुद को पटना जूनियर डिवीज़न लीग में रेनबो सीसी क्लब के कप्तान बनाया गया। अपने कप्तानी ने शुरुआती दोनो मैच जीत लिए। फिर चुनाव के कारण आगे का मंच नही हो सका। इसके बाद कुमुद को इंजरी हो गयी और कुछ समय क्रिकेट से दूर रहना पड़ा। इंजरी से ठीक होने के बाद लेग स्पिन में धार नही रही। लेग स्पिन के लिए बहुत मेहनत करने के बाद भी सफल नही हो पाए तो उनके कोच राजेश चौधरी ने लेग स्पिन गेंदबाजी छोड़ने की सलाह दी और पेस बोलिंग करने को कहा। पेस बोलिंग करते हुए पहले ही मैच में 4 विकेट लिए, लेकिन फिर इंजरी का सामना करना पड़ा। पेस बोलिंग के वजह से लेग इंजरी हो गयी और फिर से क्रिकेट से दूर रहना पड़ा।


डॉक्टर के सलाह से जब कुमुद ठीक हो रहा था तो डॉक्टर ने कहा कि पेस बोलिंग नही करना। उससे तुम्हारे पैर पर और दबाब पड़ेगा। ठीक होने के बाद पेस बोलिंग छोर फिर से लेग स्पिन करने लगा। इस बाद परिणाम भी सकारात्मक होने लगा और विकेट भी मिलने लगा। उसके बाद खगड़िया में खेलते हुए 3 मैच मे 9 विकेट लिए। जिसमे 5 विकेट भी शामिल था। उसके बाद जहानाबाद के एक मैच मे 6 विकेट लिए और एक मैच मे 3 विकेट और 30 रन बनाकर अपने टीम को कुमुद ने मैच जीता दिया। उसके बाद पटना से सीनियर डिवीज़न लीग के पहले मैच मे राजबंशी नगर सीसी से खेलते हुए नाबाद 40 रन बनाकर मैच मुकाबले को जीता दिया। अगले मैच मे टीम मे होते हुए भी अंतिम में बैटिंग दिया गया और वो मैच हार गए।


कुछ समय के बाद प्रवीण सिन्हा से मिलने के बाद कुमुद ने कहा कि मेरे क्रिकेट कैरियर को नया मोड़ दिया। उन्होंने कुमुद को ओपन करने का सलाह दिया। प्रवीण सिन्हा ने कुमुद को शॉट खेलने के बारे में बताया और पावर हिटिंग जैसे कुछ टिप्स दिए। उसके बाद बैटिंग स्किल्स में सुधार किया और इसके बाद कुमुद ने रन बनाना शुरू कर दिया। कई टूर्नामेंटों में कुमुद ने जमकर कर बल्लेबाज़ी की और कई पुरस्कार भी अपने नाम किया। उसके बाद राज्य के बाहर भी अपने बल्लेबाज़ी का जौहर दिखाने लगे। हरिद्वार, बनारस, और कई जगह अपने टीम को जीत दिलाया। राज्य में आमंत्रण टूर्नामेंट में भी अपनी पहचान बनाई। नौगछिया, नयागांव, गोपालगंज, सोनपुर और कोइलवर के टूर्नामेंट में अपनी टीम को फाइनल में जीत दिलाई।




खिलाड़ी रहते बच्चों को प्रशिक्षण देना प्रारंभ किया
कुमुद इलेवन के नाम से क्लब शुरू करके बच्चों को 2018 में प्रशिक्षण देना शुरू किया। प्रशिक्षण के अगले साल ही एक लड़का राज्य के अंडर-16 के टीम में चयनित हो कर क्लब के नाम रौशन किया। क्लब के बच्चों ने सारण के में जाकर विजयी हुई। एस एस आर में दो दिवसीय मैच में टीम फाइनल में पहुँची। उसके बाद बेउर में अंडर-16 टूर्नामेंट में सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। ऐसे समय मे वो लगातार अपने क्लब के बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे है।


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