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अंडर-19 वर्ल्ड कप:- भारत ट्रॉफी से महज एक कदम दूर, बांग्लादेश से मिलेगी कांटे की टक्कर ।


साउथ अफ्रीका में खेले जा रहे अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला पोटचेफस्ट्रोम में भारत और बांग्लादेश के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी। अगर अभी तक के प्रदर्शन को मद्देनजर रखा जाए तो बांग्लादेश से भारत बहुत आगे है।


अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत ने अभी तक खेले गए 5 के 5 मुकाबले जीते है और फाइनल में प्रवेश किया है। इस वर्ल्स कप में भारत को ऐसे खिलाड़ी दिए जो आगे चल के सीनियर टीम के लिए खेल सके। अगर इस वर्ल्ड में प्रदर्शन की बात की जाए तो यशस्वी जैसवाल ने 156 के औसत से 312 रन बनाए। इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन इन्होंने ही बनाया है। वही अगर गेंदबाजी में देखा जाए तो भारत के लेग स्पिनर रवि बिशनोई ने 13 विकेट चटकाए है। उसके अलावा कार्तिक त्यागी ने भी 11 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई। भारत को फाइनल का टिकट दिलाने में इन लोगो का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।


अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत के कितनी बार फाइनल का सफर तय किया:- 
भारत ने पहली बार 2000 मे फाइनल का सफर किया था और विजेता भी बनी। इसके कुछ समय बाद 2006 में भारत फाइनल में पहुँचने में कामयाब रहा। उसके बाद 2008 में विजेता बनी और 2012 में फाइनल का सफर तय किया और विजय भी प्राप्त किया। इसके बाद 2016 से मानो तो भारत को आदत ही हो गयी फाइनल में पहुँचने की और लगभग जीतने की भी। 2016 में भारत टीम फाइनलिस्ट रही, लेकिन 2018 में भारत ने ट्रॉफी अपने नाम किया, अब बारी 2020 की ।


अगर इस वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के सफर देखा जाए तो वाकई काबिले तारीफ है। वही बांग्लादेश के खिलाड़ियों ने इस वर्ल्ड कप में लाजवाब प्रदर्शन किया है। बांग्लादेश के कोई भी खिलाड़ी ने न तो ज्यादा रन बनाए है, और न ही ज्यादा विकेट चटकाए है। फिर भी भी बांग्लादेश की टीम फाइनल में है। बांग्लादेश के सभी खिलाड़ियों ने अपना शत प्रतिशत योगदान दिया और आज उनकी टीम फाइनल में है। बांग्लादेश के लिए सबसे ज्यादा 11 विकेट रकीबुल हसन ने लिए। बल्लेबाजी में सारे बल्लेबाज औसत ही रहे रहे है। बांग्लादेश अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहली बार पहुंची है।

बांग्लादेश के सफर अंडर-19 वर्ल्ड कप:- 
1998 में बांग्लादेश 9वें पायदान पर रही थी। 2000 में 10वें, 2002 में 11वें, 2004 में 9वें, 2006 में प्रदर्शन को सुधारते हुए 5वें स्थान पर पहुँची थी। 2008 में फिर से खिसक के 8वें, 2010 में 9वें,  2012 में 7 वें, 2014 में 9वें, वही 2016 अपनी प्रदर्शन को सुधारते हुए 3 स्थान हासिल किया। 2018 में बांग्लादेश की टीम पटरी से उतर गई फिर 6 स्थान को काबिज़ किया। 2020 में बांग्लादेश ने अपनी खेल को निन्म स्तर से उच्च स्तर तक ले गयी और इस बार फाइनलिस्ट बनी। क्या इस बार बांग्लादेश टीम इंडिया पर भारी पड़ेगी और ट्रॉफी को कब्ज़ा करेगी।




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