ADV

बीसीए मे अब फिजियोथेरेपिस्ट का घोटाला, मनीष ओझा तथा सौरभ उर्फ रॉबिन पर बीसीसीआई ले सकती है कड़ा फैसला



बिहार:- बिहार क्रिकेट मे बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के महानुभावों द्वारा कभी पैसे पर बाहरी खिलाड़ियों का चयन, बिना जिला खेले स्टेट टीम मे चयन, अपनी मर्जी से खिलाड़ी भेजने तथा चयनकर्ता बनाने का खेल होता रहता है जिसका आरोप पहले भी सिध्द हो चुका है।

जैसे पुर्व मे NEWS18 के स्ट्रिंग ऑपरेशन मे पुर्व सचिव के खास डी के त्रिपाठी तथा सिनियर चयन समिति के निरज सिंह द्वारा बाहरी खिलाड़ी को बिहार से खेलने मे लगने वाले लाखों रुपय तथा कैसे टीम मे जगह बनेगी उसका तरिका बताते हुए विडिओ वायरल हुआ था।

अब एक नया खुलासा हुआ है कि बिहार जुनियर चयनसमिति के अध्यक्ष मनीष ओझा जो एक क्रिकेट एकेडमी (जेनेक्स क्रिकेट एकेडमी) के डायरेक्टर हैं और कैसे एक निजी क्रिकेट एकेडमी का डायरेक्टर बिहार के जुनियर चयन समिति का अध्यक्ष बना , मतलब साफ है के मनीष ओझा ने अपने एकेडमी की जानकारी छुपाकर ये पद हासिल किया जो की धोखाधड़ी के श्रेणी मे आता है।

इतना ही नही मनीष ओझा जो जुनियर चयनसमिति के अध्यक्ष हैं अध्यक्ष रहते हुए अपने क्रिकेट एकेडमी के पार्टनर सौरभ कुमार उर्फ रॉबिन को अण्डर- 23 बिहार स्टेट टीम का फिजियो बनाकर अपने पद का दुरुपयोग किया है।


वहीं सौरभ कुमार उर्फ रॉबिन ने अपने फिजियोथेरेपी रेगुलर कोर्स का प्रमाणपत्र जमा किया है उसके अनुसार वो खुद जाली होने या पैसे के बलपर अरुणाचल प्रदेश के हिमालया युनिवर्सिटी से प्राप्त करने का शक पैदा करता है।

उसके पीछे जो तर्क दिया जा रहा है वो ये है की सौरभ कुमार उर्फ रॉबिन ने (जो की जेनेक्स एकेडमी मे पार्टनर है) 2013 से 2018 यानी पाँच वर्षों का रेगुलर कोर्स करने की जानकारी दी है परंतु जाँच में पता चला है कि सौरभ कुमार उर्फ रॉबिन 2014 से 2016 तक हैदराबाद के नेक्स्ट-जेन नामक क्रिकेट एकेडमी मे बतौर कोच काम करते थे । जब बिहार को 2016-17 मे ऐसोसिएट का दर्जा मिला तो बिहार क्रिकेट एसोसिएशन से जुड़े वकील महोदय के द्वारा रॉबिन को बिहार लाया गया । उस समय बिहार क्रिकेट संघ के सचिव के साथ वकील साहब की बहुत गहरी यारी हुआ करती थी जो वर्तमान मे सुबीर मिश्रा , मनीष ओझा के साथ है।

2016-17 मे बिहार स्टेट अण्डर16 टीम के साथ सौरभ कुमार उर्फ रॉबिन कोच/फिजियो के रुप मे गये थे उसक बाद वकील साहब तथा सचिव महोदय के बीच बेटे को एनसीए कैम्प नही भेजने के कारण तलखी आगयी जिसके कारण सौरभ उर्फ रॉबिन की दुकानदारी भी बंद हो गई।

तब सौरभ उर्फ रॉबिन ने मनीष ओझा और कुछ लोगों के साथ मिलकर 2018 में जेनेक्स क्रिकेट एकेडमी , आशियाना पटना मे खोला जो की वर्तमान मे भी चालु है।।


अब सवाल ये उठता है की जब सौरभ उर्फ रॉबिन 2013 से हिमालया युनिवर्सिटी , अरुणाचल प्रदेश से फिजियो का रेगुलर कोर्स कर रहा था तो 2014-15-16 तक हैदराबाद के नेक्स्ट-जेन क्रिकेट एकेडमी मे कोच कैसे था उसके बाद वो 2016 मे बिहार अण्डर-16 टीम के साथ कोच बनकर कैसे गया और 2016 से 2019 वर्तमान समय तक जब पटना के आशियाना मे जेनेक्स क्रिकेट एकेडमी कैसे चला रहा है जब की रेगुलर फिजियोथेरेपी कोर्स मे तो स्टुडेंट को अपने कॉलेज मे क्लास करना अनिवार्य होता है।

इन ही सभी बिंदुओं को अवगत करके बिहार क्रिकेट की भिलाई चाहने वाले कुछ लोगों ने ये तय किया है की बीसीसीआई को इसकी जानकारी दी जायेगी और बीसीसीआई द्वारा इन दोनो पर कार्यवाही करने का निवेदन किया जायेगा।


फोटो मे मनीष ओझा द्वारा डायरेक्टर के रुप मे जेनेक्स क्रिकेट एकेडमी का रजिस्ट्रेशन पेपर भी है और सौरभ कुमार उर्फ रॉबिन के हिमालया युनिवर्सिटी से पाँच-छ: वर्ष का रेगुलर फिजियोथेरेपी का कोर्स करने का सर्टिफिकेट भी।

Post a Comment

0 Comments